हानफू की वापसी: युवा चीन परंपरागत पोशाक से दोबारा जुड़ा
वसंत के किसी वीकेंड पर शियान या हांगझोऊ के पार्क में चलेंगे तो ये नज़ारे मिलेंगे: फूलों के नीचे पोज़ देते जवान — बहती हुई पोशाक, चौड़ी आस्तीन और जटिल केश-अलंकरण के साथ। यही हानफू है — हान बहुसंख्यकों की परंपरागत पोशाक, जो कभी केवल ऐतिहासिक धारावाहिकों तक सीमित थी और अब उस पीढ़ी की जीवंत फैशन है जो इसे नए सिरे से खोज रही है।
यह पुनर्जागरण करीब दो दशक पुराना है। 2003 के आसपास उत्सुक निगाहों के बावजूद सार्वजनिक रूप से हानफू पहनने वाले पहले उत्साही लोगों ने ऑनलाइन समुदाय बनाए, जो शॉर्ट-वीडियो प्लेटफ़ॉर्म के उभार के साथ जन-आंदोलन बन गए। आज हानफू चैनल लाखों दर्शक जुटाते हैं और ऐतिहासिक स्थलों के पास किराए के स्टूडियो पोशाक, हेयरस्टाइल और फोटोग्राफी के पैकेज से बढ़िया कमाई करते हैं।
बाज़ार भी साथ चला। उद्योग के अनुमानों में हानफू से जुड़ी सालाना बिक्री अरबों युआन तक पहुँचती है — ऑनलाइन मास-प्रोडक्ट से लेकर कस्टम टेलरिंग और बढ़ते ‘न्यू चाइनीज़ स्टाइल’ तक, जो परंपरागत तत्वों को आधुनिक अलमारी से मिलाता है। शादियाँ, ग्रेजुएशन फोटो और त्योहार पोशाक पहनने के स्वाभाविक अवसर बन गए हैं।
पर्यटकों के लिए सबसे आसान रास्ता है किराए का स्टूडियो: स्टाफ आपको पोशाक पहनाएगा, बाल सजाएगा और फोटो के लिए हाथ में पंखा थमा देगा। इसे फैशन समझें, उदासीनता या सांस्कृतिक गर्व — हानफू ने चीन के पार्कों को जीवित परंपरा के खुले संग्रहालय में बदल दिया है।